जानिए क्या है S-400 में खास, क्यों है अमेरिका के थाड से बेहतर

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नई दिल्‍ली। भारत और रूस अमेरिकी दबाव के बावजूद अपने रिश्‍तों को और अधिक मजबूत करने में लगे हुए हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति के भारत दौरे पर दुनिया की नजरें हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच एस400 को लेकर डील हो सकती है। दोनों देशों के बीच यह सौदा करीब 40 हजार करोड़ रुपये का है।

आपको यहां ये भी बता दें कि रूस एस-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला भारत दूसरा देश है। इससे पहले चीन इस प्रणाली को तैनात कर चुका है। खास बात ये है कि इसको अमेरिकी मिसाइल प्रणाली थाड का जवाब माना जा रहा है। हालांकि भारत-रूस के इस सौदे के बीच में अमेरिकी कानून आड़े आ रहा है जिससे बचने के लिए दोनों देश रास्ते खोज रहे हैं।

एस-300 का उन्नत संस्करण है एस-400

आपको बता दें कि एस-400 ट्रिंफ प्रणाली एस-300 का उन्नत संस्करण है। यह मिसाइल प्रणाली रूस में साल 2007 से सेवा में है। भारत खासकर चीन से लगती करीब 4000 किलोमीटर लंबी सीमा पर अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियां खरीदना चाहता है। इस डिफेंस सिस्टम की मदद से तिब्बत में होने वाली चीनी सेना की गतिविधियों पर भी नजर रखने में आसानी हो जाएगी।

दिलचस्प बात यह है कि चीन भी रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीद रहा है। रूस पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद चीन पहला देश था जिसने मॉस्को से रक्षा करार किया था। रूस ने चीन को इसकी आपूर्ति शुरू भी कर दी है। चीन हालांकि कितनी मिसाइलें खरीद रहा है, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

S-400 Triumf मिसाइल की खासियत

यह एक ऐसी एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली है जो बाहरी मिसाइल हमलों से देश की रक्षा करती है।

– यह देश पर संभावित मिसाइल हमले की तुरंत जानकारी देता है और जरूरत पड़ने पर यह एंटी मिसाइल दागकर दुश्मन की मिसाइल को मार गिराता है।

इस प्रणाली में लगे रडार एक साथ 100 से लेकर 300 टार्गेट को ट्रैक कर सकते हैं।

– एस-400 ट्रायंफ की मदद से भारत 600 किमी तक की रेंज में ट्रैकिंग कर सकता है।

यह मिसाइल सिस्टम एक समय में 400 किमी की रेंज में 36 टार्गेट को निशाना बना सकता है।

– S-400 Triumf रूस की नई एयर मिसाइल डिफेंस प्रणाली का हिस्सा है, जिसे रूसी सेना ने 2007 में अपने बेड़े में तैनात किया था।

– इस डिफेंस सिस्टम से विमानों, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ जमीनी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

– ये मिसाइलें 400 किलोमीटर तक की दूरी तक मार कर सकती हैं।

– इस सिस्टम से एक साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं

– इससे मिसाइल से लेकर ड्रोन तक से किये जाने वाले हमले को नाकाम कर सकता है।

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