6 पेज का सुसाइड नोट दोस्त को वॉट्सएप पर भेज खा लीं गोलियां

suicideभोपाल। ‘कॉलेज प्रबंधन के रोज के आरोपों और गालियों से मैं तंग आ चुका हूं। अब मुझे समझ में नहीं आ रहा कि मैं अपने आपको निर्दोष कैसे साबित करूं। कॉलेज वाले अपने काले कारनामों को छिपाने मुझे फंसा रहे हैं। मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। मेरी मौत के लिए कॉलेज के चेयरमैन और प्रिंसिपल जिम्मेदार हैं।

सुसाइड नोट में यह लिखकर उसकी फोटो बोनीफाय कॉलेज, अयोध्या नगर के अकाउंटेंट नरेद्र शर्मा ने अपने एक दोस्त को रात 2 बजे वॉट्सएप पर भेजी। सुबह जब उनका दोस्त घर पहुंचा, तो वह बेहोश पड़ा था और उसके पास नींद की गोलियों का रैपर पड़ा था। उसे सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब वह खतरे से बाहर है।

मकान नंबर-147 साईंनाथ कॉलोनी, कोलार निवासी राजीव तिवारी की क्रेसर खदान है। उन्होंने बताया कि उनका दोस्त मूलत: मधुरा निवासी नरेंद्र शर्मा (35) पिता खेमचंद शर्मा 48 भवानी टाउन, नरेला संकरी अयोध्या नगर में रहता है। वह बोनीफाय कॉलेज में करीब ढाई साल से अकाउंटेंट है। मंगलवार सुबह जब उन्होंने अपना मोबाइल फोन देखा तो उसमें नरेंद्र के नंबर से वॉट्सएप पर हाथ से लिखे हुए 6 पेज थे।

उन्होंने उसे डाउनलोड कर पढ़ा तो वह फौरन दोस्तों को फोन लगाते हुए घर से भागे। इसमें उसने कॉलेज से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। राजीव ने बताया कि उसके पहुंचने के पहले उसके दो और दोस्त उसके पास पहुंच चुके थे। वह उसे तत्काल रेडक्रॉस अस्पताल ले आए। डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती किया है। राजीव ने बताया कि उन्होंने नींद की गोलियों का रैपर भी डॉक्टर को दे दिया है, जिससे उन्हें इलाज में मदद मिली।

कुछ नहीं हुआ… गोलियां खाईं

राजीव ने बताया कि गाल में धीरे से चांटे मारने पर नरेंद्र होश में आ जाता है। उससे पूछने पर क्या हुआ और क्या खाया तो वह सिर्फ इतना कहता है कि कुछ नहीं हुआ। मैंने गोलियां खा ली हैं। दोस्तों ने नरेंद्र के परिजनों को इसकी सूचना दे दी है।

पत्नी गर्भवती

नरेंद्र की पत्नी संध्या गर्भवती है। वह बीते एक महीने से मुरैना अपने मायके में है। वह एमएससी भी कर रही है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र ने उन्हें पहले भी बताया था कि कॉलेज वाले उसे परेशान कर रहे हैं। नरेंद्र ने नौकरी छोड़ने के लिए कॉलेज को नोटिस दे दिया था, इसलिए वह उसे परेशान कर रहे थे।

संध्या अपना और बच्चे का ध्यान रखना

‘मेरे माता-पिता ने मुझे अच्छे संस्कार दिए हैं। मैं कोई गलत काम नहीं कर सकता, लेकिन इन्होंने मेरे सामने कोई रास्ता नहीं छोड़ा है। अब मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत के लिए कॉलेज के चेयरमैन डॉ. जीके अय्यर और प्रिंसपल ललिता अय्यर होंगे। संध्या तुम अपना और बच्चे का ध्यान रखना। मुझे माफ कर देना।…गुड बाय।

नरेंद्र के बयान लिए हैं

विवेचक रावेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री ने बताया नरेंद्र के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट भी ले लिया है। कॉलेज प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका हेड ऑफिस गोविंदपुरा ओद्यौगिक क्षेत्र में होने के कारण उनसे बात नहीं हो पाई। मामले को जांच में ले लिया गया है।

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