2 फरवरी को शिवराज सरकार मौन व्रत पर

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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय विधेयक 2011 को केंद्र की मंजूरी न मिलने से त्रस्त शिवराज सरकार भोपाल में गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन धारण कर मनमोहन सरकार का ध्यान खींचेगी। केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मंगलवार को हुई मुलाकात के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा ‘मप्र विस में दस महीने पहले विशेष न्यायालय विधेयक पारित कर केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा गया है। कई बार इस मंजूरी देने के लिए गुहार भी की है। अब मैं और मेरे मंत्रिमंडल के सभी सदस्य भोपाल में दो फरवरी को करीब दो से तीन घंटे मौन धारण कर केंद्र का ध्यानाकर्षण करेंगे।’ मुख्यमंत्री ने चिदंबरम से मुलाकात में विधेयक को शीघ्र मंजूरी दिए जाने की मांग दोहराई। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि इस संबंध में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
चौहान ने कहा कि लचर कानून व्यवस्था के चलते प्रशासन में भ्रष्टाचार को लेकर भय नहीं रहा। अगर विधेयक को मंजूरी मिल जाती है, तो भ्रष्टाचार का प्रभावी नियंत्रण होगा। प्रावधान के मुताबिक भ्रष्टाचार से संबंधित मामले एक वर्ष की अवधि में न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं और एक वर्ष की अवधि में ही भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में फैसला होगा।
अरविंद और टीनू जोशी को महज सस्पेंड ही कर रखा है –
विधेयक को केंद्र की मंजूरी न मिलने की पीड़ा मुख्यमंत्री की जुबां से कुछ इस कदर जाहिर हुई की उन्होंने कहा प्रशासनिक अधिकारी अरविंद और टीनू जोशी महज सस्पेंड है। उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार से अर्जित की गई संपत्ति को राजसात करने और भ्रष्टाचारियों को जल्द से जल्द दंड दिलाने का प्रावधान भी विधेयक में किया गया है।

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