एटीएस सिमी आतंकियों को लेकर राउरकेला से भोपाल पहुंची

simiभोपाल। खंडवा जेल से फरार स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के तीनों आंतकियों अमजद, मेहबूब और जाकिर को मध्यप्रदेश एटीएस ने 15 दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है और इन्हें लेकर राउरकेला से लेकर यहां पहुंची है। सूत्रों के अनुसार एटीएस तीनों को भूपेंद्र कुमार सिंह की अदालत में पेश करेगी।

मालूम हो तीनों आंतकियों के साथ मेहबूब की मां नजमा (60) व अन्य दो को ओडिशा व तेलंगाना पुलिस ने 17 फरवरी को राउरकेला के एक घर से तीन तक चली मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। आंतकियों के गिरफ्तार होने की खबर लगते ही मध्यप्रदेश एटीएस राउरकेला रवाना हो गई थी। तीनों को खंडवा जेल से फरार होने के मामले में पेश किया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने इन पर दस-दस लाख रुपए का इनाम भी रखा था।

जेल से भागने के बाद देते रहे वारदातों को अंजाम

जेल से भागने के बाद तीनों आतंकियों ने छह वारदातों को अंजाम दिया था। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुष्टि होना है। एक फरवरी 2014 को आंध्रप्रदेश के करीमनगर इलाके में बैंक डकैती, 1 मई 014 को चेन्न्ई स्टेशन पर बेंगलुरू-गुवाहाटी ट्रेन में धमाका, जिसमें एक युवती की मौत हो गई थी, के साथ 10 जुलाई 2014 को पुणे के फरसखाना और विश्रामबाग पुलिस थानों में धमाके, 6 दिसंबर 2014 को रूड़की (उत्तराखंड) में एक रैली में धमाका जिसमें 12 साल के लड़के की मौत हो गई थी। वहीं 14 दिसंबर को उत्तरप्रदेश के बिजनौर के घर में हुआ धमाका, जहां आंतकी बम तैयार कर रहे थे, में तीनों के शामिल होना बताया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में बैंक डकैती की थी प्लानिंग

जानकारी के अनुसार सिमी आंतकी छत्तीसगढ़ में बैंक डकैती को अंजाम देने की फिराक में थे। ओडिशा इंटेलीजेंस को राउरकेला के कुरैशी मोहल्ला नाला रोड के एक घर में कुछ संदिग्ध लोगों के रहने की जानकारी मिली थी। इंटेलीजेंस इन पर लगातार नजर रख रही थी। उन्हें खबर मिली थी कि वे राउलकेला से बाहर किसी घटना को अंजाम देने वाले हैं। इसके चलते पांच दिन पहले से टीम इलाके में तैनात की गई थी।

Comments are closed.