CM नीतीश बोले, इशरत को कभी नहीं कहा बिहार की बेटी

betiपटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि मैंने इशरत जहां को कभी भी बिहार की बेटी नहीं कहा है, जबकि मेरे बारे में कहा गया कि उन्होंने इशरत जहां को बिहार की बेटी बताया था. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा जिन लोगों ने भी मेरे मुंह में यह बात डाल कर कहा है, वैसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करूंगा. इसकी तैयारी चल रही है. हम रिसर्च करा रहा हैं.

न्यूज िक्लपिंग्स और िरकॉड‍्र्स को खंगाल रहा हूं िक कभी मैंने ऐसा कहा है क्या? मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, इस बारे में अगर एक भी प्रमाण है, तो दिखाएं, नहीं तो इस पर हम एक्शन लेंगे. उन्होंने किसी व्यक्ति, किसी दल या किसी संस्थान का नाम लिये बिना कहा कि हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. जदयू के राज्यसभा सदस्य अली अनवर के इशरत जहां को बिहार की बेटी बताये जाने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि जाइए उनसे पूछिए और कहा कि ऐसे में मीडिया ने मेरे मुंह में बातें क्यों रखीं?

इशरत के बारे में आतंकी हेडली के खुलासे के बाद स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के हवाले तीन दिन पहले खबर आयी थी, जिसमें उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यदि इशरत जहां को बिहार की बेटी कहा है, तो उन्होंने सही ही कहा होगा.

मालूम हो िक हाल ही में मुंबई आतंकी हमले के मामले में गवाही के दौरान आतंकी डेविड हेडली ने बताया कि इशरत लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी थी.

जेएनयू प्रकरण पर कहा केंद्र का यही रवैया रहा तो 2019 में बाहर कर देगी जनता

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को जेएनयू प्रकरण को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जम कर निशाना साधा. 1, अणे मार्ग में जनता के दरबार कार्यक्रम के बाद प्रेस काॅन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर लगाये गये देशद्रोह के आरोप का विरोध किया और केंद्र सरकार पर देश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया. सीएम ने कहा, केंद्र सरकार का जो रवैया है, उससे देश की जनता 2019 में उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी. ढाई साल का समय बचा है, केंद्र हालत सुधार ले. देशद्रोह का मुकदमा भी मददगार नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार आर्थिक मामलों समेत हर मोरचे पर विफल रही है.

बैंकों की स्थिति खस्ता है. जो वादे किये, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया. इसलिए देश का ध्यान बांटने के लिए राष्ट्रभक्ति की अपनी परिभाषा थोपना चाहते हैं. केंद्र सरकार बिना आपातकाल के ही आपातकाल थोपना चाहती है. यह स्वीकार्य नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेएनयू से अकारण ही केंद्र सरकार की नाराजगी सामने आ रही है. जेएनयू का जो विशिष्ट चरित्र है, उसे खत्म करने की कोशिश हो रही है. यू-ट्यूब पर जो फुटेज है, उसमें तो साफ है कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हीं के जमात के लोग नारा लगा रहे थे. कन्हैया जैसे युवा अपने विचारों के प्रति दृढ़ व लोकतंत्र में आस्था रखनेवाले हैं.

वैसे युवाओं को देशद्रोह कहना टू मच है. वामपंथी विचारधारा से वैचारिक मतभेद हो सकता है, लेकिन देशद्रोह को कोई यकीन नहीं करेगा. वामपंथी देशद्रोही नहीं, देशभक्त हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब एबीवीपी के इशारे पर हो रहा है. केंद्र एबीवीपी की विचारधारा और आरएसएस की देशभक्ति को थोपना चाहती है. सारे विश्वविद्यालयों को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं. यह कैसे स्वीकार्य होगा? उनकी विचारधारा को जो मानता है, वह देशभक्त और जो नहीं मानता है, वह देशद्रोही? ऐसा नहीं होगा. यह फासीवाद है और लोकतंत्र के खिलाफ है. सत्ता के बल पर जबदस्ती विचारधारा थोपेंगे, यह नहीं होगा. काम के बल पर विचारधारा दें, तो यह सही है. वैचारिक स्वतंत्रता को खत्म करना लोकतंत्र का गला घोंटने की साजिश है.

एंटी नेशन का सबूत पेश करे केंद्र सरकार

नीतीश कुमार ने कहा कि कन्हैया कुमार पर लगाये गये देशद्रोह के आरोपके सबूत केंद्र सरकार पेश करे. सीपीआइ-सीपीएम ने भी इसकी मांग की है. जो प्रमाण है, जिस पर मुकदमा किया है, उसे तो देश के साथ साझा कीजिए. यह रूटीन अपराध नहीं कि सबूत अदालत में पेश करेंगे. किसी की देशभक्ति पर प्रश्नचिह्न लगा है. नारा लगाते जितने की तसवीर आ रही है, सब पर क्या कार्रवाई हो रही है, उसके बारे में बताया जाये. अब तो टेक्नोलॉजी का जमाना है. सच को सामने आने से कोई रोक नहीं सकता.

राम माधव पर क्या की कार्रवाई ?

मुख्यमंत्री ने कहा कि अफजल गुरु के पक्ष में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कई बार प्रस्ताव लानेवाले निर्दलीय विधायक से भाजपा नेता राम माधव मिले थे. उन पर क्या कार्रवाई की गयी? दोहरा मापदंड नहीं चलेगा. एक पर देशद्रोह का मुकदमा करते हैं अौर राम माधव मिले, तो उन पर क्या किया गया? गोडसे को महिमा मंडित किया जाता है. भाजपा के लोग उसमें शामिल होते हैं, उन पर क्या कार्रवाई की जा रही है? सीएम ने कहा कि भाजपा यह ही साफ कर दे कि राम माधव जम्मू-कश्मीर के उस विधायक से मिले थे या नहीं? मिलने की पूरी रिपोर्ट मीडिया के थ्रू आयी थी. जब जैसा, तब तैसा नहीं चलेगा.

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