northwoods casino casino winnipeg online casino ireland online casino 5 dollar minimum deposit bus casino montreal online casino canada free spins no deposit caesars casino online free slots choosing the best online casinos in canada - online casino land 888 com casino on net cs go casino tranquility base hotel and casino rolling hills casino coach canada casino bus niagara falls gold eagle casino north battleford casino charlevoix restaurant online casino games australia map casino montreal casino rama slot machine

अमित शाह ने शिवराज से बनाई दूरी, भाजपा ने किया किनारा?

0

भोपाल : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का दो दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा पार्टी के भीतर हलचल पैदा कर गया है क्योंकि राज्य की राजनीति में संभवता पार्टी अध्यक्ष का पहला ऐसा दौरा रहा होगा, जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अमित शाह ने कोई मंच साझा नहीं किया।
भाजपा अध्यक्ष ने भोपाल-होशंगाबाद संभाग के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में हिस्सा लिया, रीवा, सतना व जबलपुर में सभाएं की, मगर इन चारों प्रमुख कार्यक्रमों के मंच पर शाह के साथ मुख्यमंत्री शिवराज नजर नहीं आए। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अमित शाह के दौरे के दौरान शिवराज को दूर क्यों रखा गया? अमित शाह के इस दौरे ने लगभग चार माह पूर्व जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ में दिए उस बयान की याद दिला दी है, जब उन्होंने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा कार्यकर्ता होगा। तब भी राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई थी कि क्या भाजपा शिवराज से परहेज करने लगी है? अब शाह के साथ शिवराज का मंचों पर नजर न आना उस बयान को ताकत दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटैरिया का कहना है, “अमित शाह के साथ शिवराज का न होना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, ठीक वैसे ही, जैसे राहुल गांधी के मंच पर दिग्विजय सिंह को ज्यादा महत्व न दिया जाना। भाजपा राजनीतिक रणनीति के तहत विकेंद्रीकरण पर चल रही है, कैलाश विजयवर्गीय को मालवा की जवाबदारी, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को महाकौशल का जिम्मा। इस बात का संकेत है कि अब स्थायी प्रतीक कोई नहीं होगा, 14 साल मुख्यमंत्री रहे शिवराज भी नहीं।” पटैरिया आगे कहते हैं कि आगामी चुनाव किसी भी दल के लिए आसान नहीं है। लिहाजा, भाजपा नई रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में राज्य की चुनावी कमान पूरी तरह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के हाथ में होगी और वही संचालित करेंगे। याद रहे कि बिहार विधानसभा चुनाव की कमान भी अमित शाह ने पूरी तरह अपने हाथ में रखी थी। बह्मास्त्र के रूप में ‘भाजपा हारी तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे’ वाला बयान देकर मतदाताओं में देशभक्ति का जज्बा पैदा करने का प्रयास किया था, फिर भी सफलता नहीं मिली थी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.