आशा कार्यकर्ताओं का यात्रा निगरानी भत्ता 6000 रुपये किया

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने लोक स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को प्रोत्साहन देने के लिये आशा कार्यकर्ता का निगरानी यात्रा भत्ता 5000 रुपए से बढ़ाकर 6000 रुपए तक प्रति माह कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्यक्षता बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आशा कार्यकतार्ओं के निगरानी यात्रा भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर 2018 से आशा कार्यकर्ताओं को निगरानी यात्रा भत्ते के रुप से 250 रुपए प्रति यात्रा के स्थान पर 300 रुपए प्रति यात्रा दिये जाएंगे। प्रत्येक आशा कार्यकर्ता प्रति माह तकरीबन 20 निगरानी यात्राएं करती हैं। इसके अनुसार, उन्हें अभी तक 5000 रुपए तक प्रति माह निगरानी यात्रा भत्ता मिल रहा था जो अक्टूबर 2018 से 1000 रुपए बढ़कर 6000 रुपए तक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकतार्ओं को नवंबर 2०18 में बढ़ा हुआ यात्रा भत्ता मिलेगा। यह मंजूरी 2०18-19 से 2019-20 तक के लिये दी गयी है। प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में आशा कार्यकर्ता सुविधा प्रदाता है। इस बढ़ोतरी से इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और वे अपना काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। केंद्र सरकार पर इस फैसले से 46.95 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। देश में 41 हजार 405 आशा कार्यकर्ता हैं। आशा सुविधा प्रदाता की नियुक्ति 10 से 25 आशा कार्यकर्ताओं पर की जाती है। यह ढांचागत सुविधाओं के लिये आशा कार्यकतार्ओं की मदद करती हैं और उनके कामकाज की निगरानी करती हैं। आशा सुविधा प्रदाता का चयन आशा कार्यकतार्ओं में से योग्यता, अनुभव और कामकाज के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।

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