AAP के लिए आज का दिन अहम, पंजाब वाला धड़ा बना सकता है अलग पार्टी

0

नई दिल्ली, चंडीगढ़। अरविंद केजरीवाल की शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया से माफी के बाद आम आदमी पार्टी में उठा भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंजाब में पार्टी के बागी विधायक और नेता अलग पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। इस पर शनिवार को बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

मालूम हो, पंजाब में आम आदमी पार्टी के 20 विधायक हैं, जिनमें से 15 बागी हो चुके हैं। खबर है कि केजरीवाल के फैसले से नाराज आप के बागी विधायकों ने नई पार्टी बनाने को लेकर कानूनी सलाह लेनी शुरू कर दी है। संभावना है कि अाज या अगले एक-दो दिनों में नई पार्टी किस रूप में होगी इसका खुलासा कर दिया जाएगा।

पार्टी के प्रदेश प्रधान भगवंत मान और उप प्रधान अमर अरोड़ा अपने पदों से इस्‍तीफा दे चुके हैं और बैंस ब्रदर्स सिमरनजीत सिंह बैंस व बलविंदर सिंह बैंस ने आप से गठबंधन लिया है।

जानिए क्या कहता है दलबदलू कानून

– केजरीवाल से नाता तोड़तकर ये नेता आप पंजाब या किसी नई पार्टी के बैनर तले एकत्र हो सकते हैं। दलबदलू कानून के तहत कार्रवाई से बचने के लिए आप के 15 विधायक एक मंच पर होने चाहिए।

– शुक्रवार को आप विधायक दल की बैठक में 15 विधायकों ने साफ कर दिया कि पंजाब में वे राष्‍ट्रीय इकाई से अलग राह पर चलेंगे।

– 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल के साथ हाथ मिलाकर प्रदेश में आप के आने का रास्ता खोल दिया था। इसके चलते लोकसभा चुनाव में उम्मीद से कहीं ज्यादा चार सीटों पर आप के उम्मीदवार जीते थे। चुनाव जीतने के कुछ समय बाद ही धर्मवीर गांधी जैसे सांसदों ने केजरीवाल की नीतियों का डटकर विरोध शुरू कर दिया।

– 2017 तक पार्टी की प्रदेश में काफी पकड़ बन चुकी थी। नतीजतन पंजाब में सरकार बनाने का सपना देखते हुए केजरीवाल ने तत्कालीन कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाकर खुद के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित करनी शुरू कर दी थी। छोटेपुर के बाद गुरप्रीत घुग्गी के हाथ आई पार्टी की कमान और केजरीवाल के कट्टरपंथियों के साथ संबंधों को लेकर पंजाब के मतदाताओं ने आप को जनादेश नहीं दिया। नतीजतन सरकार बनाने का सपना देखने वाली आप को 20 विधायकों के साथ विपक्ष में बैठना पड़ा।

– विधानसभा चुनाव में मतदान से कुछ ही समय पहले कथित आतंकी के घर पर रुकने के फैसले के बाद से केजरीवाल के खिलाफ पंजाब में शुरू हुई बगावत ने आखिरकार नशे के मामले में आरोप लगाने के बाद माफी मांगने से पार्टी का अस्तित्व ही खत्म कर दिया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.