जगदलपुर। चुनावी साल में किसानों की कर्ज माफी बड़ा मुुुुद्दा बन जाता है और राजनैतिक दलों में किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा करने की होड़ लग जाती है। इसी के मद्देनजर आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए खरीफ सीजन में कर्ज लेने किसानों में होड़ मची हुई है। पिछले साल की तुलना में तीन गुने से अधिक किसानों ने अब तक सहकारी बैंक से कर्ज ले लिया है और हजारों प्रकरण लेम्पस व बैंक की शाखाओं में पेंडिंग हैं। खरीफ का कर्ज किसानों को 30 सितम्बर तक वितरण होना है।

लक्ष्य में 5000 लाख की बढ़ोत्तरी

जिला सहकारी केन्दीय बैंक मर्यादित जगदलपुर द्वारा वर्ष 2017-18 में संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जिले के लिए कुल 25000 लाख रुपये के कर्ज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमें से 29 जून 2017 तक कुल 1037 किसानों ने 14822.42 लाख रुपये का कर्ज लिया था।

कर्ज के प्रति किसानों की बढ़ती रूचि व सहकारिता से किसानों को जोड़ने के लिए सहकारी बैंक ने वर्ष 2018-19 में लक्ष्य में 5000 लाख रुपये की वृद्घि कर 30000 लाख रुपये कर्ज देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

खरीफ सीजन के लिए कर्ज मई से सितम्बर तक दिया जाता है और इस वर्ष 29 जून की स्थिति में बस्तर जिले के 9234 किसानों ने 5916 लाख, कोण्डागांव के 6128 किसानों ने 2312.19 लाख, नारायणपुर के 746 किसानों ने 378.45 लाख, कांकेर के 16759 किसानों ने 4850.23 लाख, दंतेवाड़ा जिले के 347 किसानों ने 187.80 लाख, सुकमा जिले के 1135 किसानों ने 522.72 लाख, बीजापुर जिले के 802 किसानों ने 735 लाख इस तरह से कुल 35151 किसानों ने 14902.92 लाख रुपये का कर्ज सहकारी बैंक से ले लिया है। अभी यह लक्ष्य का 49.69 फीसद ही है।

कहां कितना है लक्ष्य

सहकारी बैंक द्वारा प्रति हेक्टेयर सिंचित भूमि में किसानों को 22 हजार 200 रुपये नगद तथा 14 हजार की वस्तु (खाद-बीज) कुल 37 हजार 200 रुपये तथा असिंचित भूमि में प्रति हेक्टेयर 19 हजार 200 रुपये नगद तथा 12 हजार 800 रुपये की वस्तु (खाद-बीज) देने का अनुपात निर्धारित किया है। इस तरह से बैंक द्वारा बस्तर जिले में 10000 लाख, कोण्डागांव में 5000 लाख, नारायणपुर में 900 लाख, कांकेर में 10000 लाख, दंतेवाड़ा में 600 लाख, सुकमा में 1000 लाख, बीजापुर में 2500 लाख कुल 30000 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैंक द्वारा अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने का प्रयास हो रहा है। जीरो प्रतिशत ब्याज दर जैसी शासन की योजना से किसानों में जागरूकता बढ़ रही है और वे बड़ी संख्या में कर्ज लेने लेम्पसों का रूख कर रहे हैं। – आरबी सिंह, विपणन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर