देवरिया कांड : अधीक्षक की तलाश में लखनऊ में पुलिस का छापा

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देवरिया। देवरिया के बालिका गृह से देह व्यापार रैकेट संचालित होने के मामले ने आम जन से लेकर शासन तक को झंकझोर कर रख दिया है। संचालिका व उसके पति की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस अधीक्षक की गिरफ्तारी में जुटी हुई है। सोमवार की देर शाम देवरिया पुलिस ने लखनऊ में अधीक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लग सकी। अब उसका मोबाइल भी बंद हो गया है, जिसके चलते पुलिस को उसका लोकेशन नहीं मिल पा रही है।

देवरिया की दो पुलिस टीमें लखनऊ में डेरा डाले हुए है। संभावना जताई जा रही है कि अधीक्षक लखनऊ में किसी नेता या अधिकारी के पास है। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के द्वारा संचालित बाल गृह बालिका, बाल गृह शिशु, विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण एवं स्वाधार गृह देवरिया की मान्यता को शासन स्थगित करने के बाद भी संस्था में बालिकाएं, शिशु व महिलाओं को रखा जा रहा था।

रविवार की रात इस संस्था से सेक्स रैकेट संचालित होने का भंडाफोड़ होते ही शासन गंभीर हो गया। इस मामले में तत्कालीन जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार की तहरीर पर अधीक्षक कंचनलता, उसकी मां व संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सोमवार को गिरिजा त्रिपाठी व मोहन त्रिपाठी को पुलिस ने जेल भेज दिया। जबकि अधीक्षक कंचनलता फरार हो गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई है।

सोमवार को कंचनलता का लोकेशन पुलिस के लखनऊ में मिला तो दो टीमें रवाना की गई और टीमों ने छापेमारी भी की। लेकिन संबंधित स्थान पर वह नहीं मिली। अब मोबाइल बंद हो गया है। सीओ सिटी दयाराम सिंह ने कहा कि अंतिम लोकेशन कंचनलता का लखनऊ में मिली थी। पुलिस टीम लखनऊ में जमी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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