CG : नए शिक्षा सत्र 2018-19 में किताबों में पांच बड़े बदलाव

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रायपुर। सत्र 2018-19 में राज्य की प्राइमरी-मिडिल और हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों में पांच बड़े बदलाव हो चुके हैं। बच्चों में लर्निंग आउटकम (सीखने का स्तर) बढ़ाने के लिए प्राइमरी की किताबों में जहां एक्टीविटीज अधिक जोड़ी गई है, वहीं मिडिल स्कूलों में सोशल साइंस में बड़ा बदलाव करके एक चेप्टर लोकल तो दूसरा चेप्टर एनसीईआरटी से नेशनल का लिया गया है।

इसी तरह कक्षा ग्यारहवीं में इस बार 13 विषय एनसीईआरटी के ही होंगे, बारहवीं में भी सात नए विषय एनसीईआरटी के लागू होने जा रहा है। किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। 16 जून से स्कूल खुलने के बाद बच्चों के हाथ में किताबें होंगी। एनसीईआरटी के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल लर्निंग आउटकम के हिसाब से इस तरह के बदलाव किया गया है, आगे और भी संशोधन किया जाएगा।

बदलावः एक

प्राइमरी में ‘करके दिखाओ’

प्राइमरी यानी पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए चेप्टर तो नहीं बदले गये हैं, लेकिन उनके लिए एक्टीविटीज पर जोर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी बच्चे को कहानी पढ़ाई जाएगी तो उसे भी परिवेश के आधार पर कहानी कहने के लिए कहा जाएगा। इस तरह ‘करके दिखाओ’ प्राइमरी स्तर पर चेप्टर बनाए गए हैं। पर्यावरण में भी बच्चे आसपास की चीजों को लेकर प्रोजेक्ट वर्क करेंगे। बच्चों को सिखाने के लिए जो प्रक्रिया निर्धारित की जा रही है, उसके अनुरूप अब बच्चों को ऑडियो-वीडियो सामग्री भी दी जाएगी। घटनाओं, अनुभवों, कहानियों, कविताओं और अपने तरीके से या भाषा में कहने, पूछने का अवसर दिया जाएगा।

बदलावः दो

मिडिल में जोड़े एनसीईआरटी के चेप्टर

मिडिल यानी छठवीं से लेकर आठवीं तक की कक्षाओं में नागरिकशास्त्र और भूगोल छत्तीसगढ़ के होंगे लेकिन राजनीति व अर्थशास्त्र के चेप्टर राष्ट्रीय स्तर (नेशनल लेवल) के जोड़े गये हैं। साइंस में रेशा चेप्टर को जोड़ा गया है।

बदलावः तीन

अंग्रेजी में बदलाव करके क्वेश्चन-आंसर में पहली बार पढ़कर आंसर देने की एक्टीविटी जोड़ी गई है। बच्चों को पोयम और स्टोरी पढ़कर या कोई समरी पढ़कर आंसर लिखने की प्रैक्टिस कराई जाएगी।

बदलावः चार

करीब 25 साल बाद अब प्राइमरी के बच्चों के लिए वर्कबुक में अंगे्रजी के 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 , 8 अरेबियन अंक के साथ-साथ हिन्दी के देवनागरी अंकों को पढ़ाया जाएगा। अगले साल से प्राइमरी की किताबों में बच्चों को दोनों तरह के अंक पढ़ने को मिलेंगे।

बदलाव : पांच

पहली बार बारहवीं में एनसीईआरटी की किताबें

राज्य के स्कूलों में इस साल 11वीं में 18 नए विषयों समेत कुल 31 विषयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू कर दी गई हैं। बारहवीं में 13 विषयों में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी।

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