भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुराने बकाया बिजली के बिल माफ करने का ऐलान किया है। इसके अलावा सीएम ने बिजली चोरी के सारे प्रकरण वापस लेने की भी घोषणा की। सीएम शिवराज भोपाल के दशहरा मैदान पर मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना 2018 के औपचारिक शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जनसंबल योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल कार्डधारी उपभोक्ताओं को महज 200 रु. महीने बिजली बिल योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही योजना के तहत 1 जुलाई 2018 से पहले बिजली बिल माफ किया जाएगा। इस बिजली बिल माफी योजना के तहत सरकार ने 5179 करोड़ रुपए के बिजली बिल माफ करने का फैसला लिया है। इससे करीब 16 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली का बिल गरीबों के लिए आफत की पुड़िया हुआ करती है। लेकिन अब किसी भी गरीब के लिए बिजली की उपलब्धता आफत नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने गरीबों के पुराने बिजली बिलों को माफ करने का फैसला किया है। इसके अलावा कटिया फेंककर अवैध तरीके से बिजली के उपयोग के दर्ज किए गए सभी मामले भी वापस लिए जाएंगे। सीएम ने ये भी कहा कि जिन गरीबों के पास बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें निशुल्क कनेक्शन दिए जा रहे हैं।

सीएम ने ये भी कहा कि गरीबों के बच्चों को पढ़ने का हक है। धन का आभाव इन बच्चों की प्रतिभा के आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने योजना के तहत बच्चों की प्राथमिक शिक्षा से ले कर उच्च शिक्षा तक की फीस सरकार द्वारा भरने की घोषणा भी की।

सीएम ने कहा कि सरकार अमीर और धनकुबेरों के लिए नहीं होती है। बल्कि सरकार वास्तव में समाज के अंतिम छोर पर खड़े शोषित और वंचित वर्ग के लिए होती है। सरकार को इन्हीं वर्गों के उत्थान के लिए काम करना चाहिए और प्रदेश सरकार की तमाम योजनाएं इसी के अनुरूप चल रही हैं। उन्होंने कहा – हमारी सरकार बेहद गरीब लोगों को जीवन की सभी बुनियादी सुविधाएं दे रही है। हम सड़क, बिजली, पानी गरीब तक पहुंचा रहे हैं।

सीएम ने ये भी घोषणा की कि प्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब बिना अपनी जमीन के नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी को अपना पक्का मकान बनाने के लिए धनराशि देगी। हर साल 10-10 लाख के हिसाब से चार साल में 40 लाख का मकान बनाएंगे।