नई दिल्ली। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए हुए चुनाव में एनडीए को एक बार फिर जीत का स्वाद चखने को मिला है। राज्यसभा में गुरुवार को हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण को सदन का उपसभापति चुन लिया है। हरिवंश की जीत के बाद सत्ता और विपक्षी के सांसदों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी।

इस चुनाव के लिए सदन में तीन बार वोटिंग हुई और तीसरी बार में हरिवंश को वोट 125 मिले जबकि उनके विरोध में 105 वोट पड़े। उपसभापति चुनाव के लिए दूसरी बार की वोटिंग में उन्हें 122 वोट मिले विपक्षी उम्मीदवार हरिप्रसाद को 98 वोट मिले थे।

बता दें कि वोटिंग के पहले ही हरिवंश की जीत तय मानी जा रही थी। इससे पहले विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के ही उम्मीदवारों ने अपनी जीत का विश्वास जताया था।

गुरुवार को हुए उपसभापति चुनाव से भी पीडीपी ने अविश्वास प्रस्ताव की ही तरह दूरी बनाई और मतदान ना करने का फैसला किया।

पीएम समेत सभी सांसदों ने की तारीफ

हरिवंश नारायण को उपसभापति चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य सांसदों ने उन्हें बधाई देते हुए जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश जी कलम के धनी हैं और उन्होंने सांसद के रूप में अपने कार्यकाल यादगार बनाया। हरिवंश नारायण पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी के भी करीबी थे।

वहीं विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सदन में सभापति और उपसभापति निष्पक्ष होते हैं और हरिवंश जी भी उसी परंपरा का पालन करेंगे।

विपक्ष फिर नजर आया कमजोर

कांग्रेस ने अपने नेता बीके हरिप्रसाद को विपक्ष के साझा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में भले उतार दिया, मगर संख्या बल के गणित में राजग उम्मीदवार हरिवंश की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। अगर इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश की जीत ने एक बार फिर से विपक्षी एकता की पोल खोल दी है। इससे पहल अविश्वास प्रस्ताव पर भी विपक्ष को करार झटका लगा था।

हालांकि, विपक्षी उम्मीदवार हरिप्रसाद ने चुनाव से पहले दावा किया है कि उनके पास जरूरी नंबर्स हैं। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हमारे पास जरूरी नंबर्स हैं। पार्टी ने आप नेता अरविंद केजरीवाल से भी बात की है।