वाह! मुख्यमंत्री महोदय की इस अदा ने जीता सबका दिल

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भोपाल। हर शहर में फेरी वालों के धंधे के लिए जगह तय होगी। इसके लिए तीन जोन बनेंगे। ग्रीन जोन में स्थाई रूप से और यलो जोन में तयशुदा समय पर ही ठेले और फेरियां लगाई जा सकेंगी, जबकि रेड जोन में यह कारोबार गैरकानूनी माना जाएगा। यह जोन नगरीय निकाय फेरी वालों की सहमति से तय करेंगे।
फेरी वालों को व्यवसाय के लिए स्वरोजगार क्रेडिट कॉर्ड के अलावा पांच हजार रुपए की लागत में ढाई हजार रुपए सरकार की ओर से देने की योजना भी शुरू होगी। सभी फेरी वालों को तीन माह में परिचय पत्र मिल जाएंगे। उनके बच्चों को छात्रवृत्ति के अलावा परिवारों को मजदूरों को मिलने वाली अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह ऐलान सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित फेरी वालों की पंचायत में किया। मुख्यमंत्री ने तहबाजारी शुल्क नए सिरे से तय करने, जिला पुलिस में फेरी वालों की शिकायतें सुनने अलग से सेल बनाने का भी ऐलान किया। चौहान ने फेरी वालों को दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना, राज्य बीमारी सहायता और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान का भी लाभ देने को कहा। उनके बच्चों को पहली से आठवीं कक्षा तक स्कॉलरशिप, पहली से 12वीं कक्षा तक मुफ्त किताबें, यूनिफार्म, उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
प्रसूताओं को 5 हजार रुपए, पतियों को 1500 रुपए और इलाज के लिए 1000 रुपए अलग से मिलेंगे। सीएम ने कहा कोई भी नगरीय निकाय फेरी वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना उन्हें वर्तमान स्थानों से नहीं हटाएगा। परिचय पत्र उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। किसी भी निकाय में एक दिन में यह कार्ड दे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री इन कार्यक्रमों में मौजूद रहेंगे।
दिलाया संकल्प : मुख्यमंत्री ने पंचायत में आए फेरी वालों को शराब से दूर रहने, बेटा-बेटी में फर्क नहीं करने और बच्चों को स्कूल जरूर भेजने के संकल्प दिलाकर उनसे हामी भी भरवाई।
बताईं दिक्कतें: फेरी वालों ने पुलिस अत्याचार के साथ स्थानीय निकाय के अतिक्रमण विरोधी अमले से होने वाली दिक्कतों के बारे में भी बताया।

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