अफजल को बिना पैरोल के दी जा सकती थी उम्रकैद: चिदंबरम

chidambaramनई दिल्ली। संसद हमले के दोषी अफजल गुरु पर फैसला शायद ठीक नहीं था। अफजल को बिना पैरोल के उम्रकैद दी जा सकती थी। यह कहना है यूपीए सरकार में गृह और वित्त मंत्रालय संभालने वाले पी. चिदंबरम का। बता दें कि अफजल गुरु को तीन साल पहले यूपीए सरकार के दौरान ही फांसी दी गई थी।
एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में चिदंबरम ने कहा कि यह ईमानदार राय रखना मुमकिन है कि अफजल गुरू केस में शायद सही ढंग से फैसला नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए आप यह नहीं कह सकते कि कोर्ट ने गलत फैसला किया क्योंकि केस तो सरकार ने ही चलाया था। लेकिन एक आजाद शख्श यह राय तो रख ही सकता है कि इस केस में सही तरीके से फैसला नहीं लिया गया।
जेएनयू के छात्रों का किया बचाव
हालांकि जब चिदंबरम से पूछा गया कि आप भी तो उसी सरकार ने हिस्सा थे, जिसने अफजल गुरु को फांसी थी दी। इस पर उनका जवाब था कि मैं उस वक्त होम मिनिस्टर नहीं था। हालांकि मैं यह भी नहीं कह सकता है कि अगर उस वक्त मैं होम मिनिस्टर होता तो क्या करता। इस दौरान उन्होंने जेएनयू छात्रों पर लगे देशद्रोह के आरोपों को भी बेतुका करार दिया। उन्होंने कहा कि फ्री स्पीच देशद्रोह नहीं है, अगर आपका भाषण बारूद की नली में चिंगारी की तरह हो, तभी आपकी बात को देशद्रोह कहा जा सकता है।

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