किसान आंदोलन : कई राज्यों में होने लगी जमाखोरी, फल-सब्जियों के दाम दोगुने से अधिक

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नई दिल्ली। सरकारी नीतियों के खिलाफ किसान एकता मंच व राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले शुरू हुए “गांव बंद” आंदोलन का असर सोमवार को भी दिखा। सब्जियों व दूध के दाम बढ़ने लगे हैं। वहीं हिंसक घटनाओं को देखते हुए निजी डेयरियों ने दूध लेना और बांटना बंद कर दिया है।

आंदोलन के तीसरे दिन रविवार को भी हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में किसानों ने दूध सड़कों पर बहाया और सब्जियां फेंकी। कई राज्यो में सब्जियों और दूध की किल्लत हो गई है। कई जगह दूध व सब्जियों को बाजारों तक नहीं पहुंचने दिया गया।

सप्लाई बाधित होने से सब्जियों के दोगुने से अधिक गुना और दूध की कीमतों में दो से तीन गुना तक इजाफा हो गया है। हालात यही रहे तो कीमतें और भी बढ़नी तय हैं। जो किसान आंदोलन से बचकर फल व सब्जियों की सप्लाई कर रहे हैं, उन्हें जबरन इसे फेंकने को कहा जा रहा है। पंजाब के मानसा में तो आंदोलनरत किसानों ने फलों से भरा ट्रक जबरदस्ती खाली करवा दिया। माछीवाड़ा में किसानों ने दूध की गाड़ी को रोककर दूध बांट दिया।

हरियाणा सहित कई राज्यों मे जमाखोरी भी होने लगी है। सप्लाई न होने और मंहगाई बढ़ने से आम लोगों को दूध और सब्जी के लिए जूझना पड़ा रहा है। हालांकि प्रशासन की जमाखोरों पर नजर है। हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में आंदोलन से दिल्ली में भी दूध और सब्जियों के दाम बढ़ने का संकट मंडरा रहा है।

मोहाली में वेरका मिल्क प्लांट के बाहर धरने पर बैठे किसान, नहीं ले जाने दिया दूध –

स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे किसानों ने अब मोहाली के वेरका की तरफ रुख किया है। रविवार रात करीब नौ बजे करीब तीन सौ किसान फेज छह के वेरका मिल्क प्लांट के सामने एकत्र हो गए। वहां पहुंच उन्होंने दूध की सप्लाई लेकर आ रहे किसानों व उनकी गाड़ियों को बाहर ही रोक दिया। कहा कि हड़ताल चल रही है, वह किसी भी कीमत पर दूध अंदर नहीं जाने देंगे।

उन्होंने वेरका का भी विरोध किया, जो उनकी हड़ताल में बाधा डाल रही है। करीब आधा घंटा तक किसान वेरका के बाहर ही रहे और इस दौरान दूध लेकर आए उत्पादकों से उनकी बहस भी हुई। मामला बढ़ता देख भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उन्होंने किसानों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। वह वेरका के बाहर ही बैठे रहे।

इस दौरान न तो उन्होंने दूध लेकर आए उत्पादकों को अंदर जाने दिया और न ही वेरका के क्रेट लेकर निकला ट्रक गेट से बाहर जा सका। इससे पहले हड़ताल के दोनों दिन शनिवार व रविवार को किसानों ने सप्लाई लेकर आए उत्पादकों के दूध को सड़क पर ही गिरा दिया। किसानों ने आसपास के गांवों के बाहर नाका भी लगाया है, जो सप्लाई देने जाने वाले लोगों को रोकते हैं। दूसरी तरफ उत्पादकों ने कहा कि दो दिन से सप्लाई नहीं करने दी जा रही।

आज प्रभावित होगी सप्लाई –

ट्राईसिटी में सोमवार को वेरका के दूध की पचास फीसद तक सप्लाई प्रभावित हो सकती है। वेरका की तरफ से ट्राईसिटी में प्रतिदिन सवा चार लाख लीटर दूध की सप्लाई की जाती है। उसमें टोन व डबल टोन मिल्क दोनों शामिल है। किसानों के देर रात प्रदर्शन के कारण कोई भी ट्रक बाहर नहीं जा सका।

राहुल का ट्वीट, छह जून को आ रहा हूं मंदसौर –

मंदसौर के पिपलियामंडी में छह जून को होने वाली कांग्रेस की सभा को लेकर रविवार को राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया है। इसमें कहा कि छह जून को मंदसौर में श्रद्धांजलि सभा और किसान सम्मेलन में संबोधित करूंगा।

मंदसौर में किसान को दूध से नहलाया –

किसानों के गांव बंद आंदोलन के तीसरे दिन मध्य प्रदेश में शांति रही। मालवा-निमाड़ के उन इलाकों में रविवार को भी किसानों ने प्रदर्शन किए, जहां भारतीय किसान यूनियन सक्रिय है। अन्य हिस्सों में आंदोलन जोर नहीं पकड़ सका। रविवार होने से अनाज मंडियां बंद रही तो सब्जी मंडियों में कहीं-कहीं असर दिखा। मंदसौर में आंदोलन का समर्थन करने वाले किसान को यूनियन ने दूध से नहलाया तो बड़वानी में मवेशियों को सब्जियां खिलाकर विरोध जताया। बैतूल में तीन किसानों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इन्होंने सब्जी बेचने आ रहे किसानों को रोका था। ग्वालियर चंबल संभाग में खास असर देखने को नहीं मिला।

राजस्थान में लूटपाट, 20 फीसद तक बढ़े दाम –

राजस्थान में स्थिति बिगड़ती जा रही है। सब्जियों के दामों में भी करीब 20 फीसद तक बढ़ोतरी हो गई है। शहरों में सब्जियों व दूध की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। जयपुर में अधिकतर मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है। दूध की आवक कम होने तथा सड़कों पर बिखेरने के चलते निजी डेयरियों ने भी कलेक्शन लगभग बंद कर दिया है। जयपुर की मुहाना मंडी में आम दिनों की तुलना में रविवार को करीब डेढ़ सौ गाड़ियां कम पहुंचीं। वहीं बीकानेर में छतरगढ़ में रविवार को कुछ युवकों ने सब्जी मंडी में लूटपाट कर जमकर उत्पात मचाया। श्रीगंगानगर में राहगीरों से बदसलूकी और झड़प हुईं। वहीं किसान आंदोलन से जयपुर सहित कई शहरों में दूध का संकट गहरा गया है। जयपुर डेयरी में शनिवार को समितियों से आ रहा करीब तीन लाख लीटर दूध गांवों में अटक गया। शनिवार को भी करीब 20 हजार लीटर दूध बहा दिया गया था।

ये हैं प्रमुख मांगें –

– कृषि कर्ज माफ हों, ताकि खुदकशी रुके।

– सभी फसलों का सही मूल्य मिले

– न्यूनतम आय गारंटी योजना लागू हो

– स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू हो

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