केंद्रीय कर्मियों के डबल बोनस का सपना टूटा, एरियर्स भी हाथ से गया

buereocracyबिलासपुर.केंद्रीय कर्मचारियों को परफार्मेंस बेस्ड बोनस मिलेगा। 7वें पे कमीशन इसी पर काम कर रहा है। नए वेतनमान के लागू होते ही नई बोनस स्कीम भी लागू हो जाएगी। भारत सरकार के इस जवाब से केंद्रीय कर्मचारियों के डबल बोनस का सपना टूट गया है। साथ ही एरियर्स भी हाथ से निकल गया है।

यह भी साफ हो गया है कि शीतकालीन सत्र में पारित बोनस संशोधन विधेयक पर सरकार अमल नहीं करेगी। केंद्र सरकार ने कर्मचारी संगठनों को इसकी जानकारी दे दी है और कहा है कि बोनस की सीलिंग को 3500 रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए किया जाना संभव नहीं है।
इधर, कर्मचारी संगठन इससे नाराज हैं और आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।

केंद्र सरकार के अंडर सेक्रेटरी अशोक कुमार ने ज्वाइंट कंसलटेटिव मशीनरी (जेसीएम) के सेक्रेटरी शिवगोपाल मिश्रा को सरकार की मंशा से अवगत कराया है।
दरअसल, जेसीएम सेक्रेटरी मिश्रा ने लोकसभा में संशोधित बोनस स्कीम को लागू करने का मसला उठाया था। कर्मचारी संगठन के पत्र पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है।
अंडर सेक्रेटरी ने बताया है कि सातवें वेतनमान में बोनस की विस्तृत समीक्षा की गई है, जिसमें परफार्मेंस बेस्ड बोनस सभी केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जाना है। नए पे कमीशन में वेतनमान पर बोनस को समाप्त किया जाएगा।

बताया गया है कि न्यू पे कमीशन के आधार पर परफार्मेंस बेस्ड बोनस को लागू करने में समय है। लिहाजा, वर्तमान में लागू बोनस स्कीम की पुन: समीक्षा कर उसे और फायदेमंद बनाया जा सकता है। कहा गया है कि 7वें पे कमीशन के सुझावाें की अलग से समीक्षा हो रही है। तब तक वर्तमान बोनस व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं है।
संशोधन विधेयक भी हो चुका था पास
रेलवे के अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए 35 सौ रुपए की सीलिंग है। कर्मचारियों को 35 सौ रुपए वेतन के आधार पर 72 दिनों का बोनस दिया जाता है। कर्मचारी संगठन इसी सीलिंग में बदलाव की मांग करते रहे हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र में बोनस का भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2015 पारित हो गया है। बोनस का भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2015 में धारा 2 (13) के तहत पात्रता सीमा को 10,000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 21,000 रुपए प्रतिमाह करने और धारा 12 के तहत गणना सीमा को 3,500 रुपए से बढ़ाकर 7,000 रुपए करने का उल्लेख है।
ये हुआ नुकसान
बोनस का भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2015 के प्रावधान 1 अप्रैल, 2014 से ही प्रभावी हो गए हैं। केंद्रीय कर्मचारियों में खुशी थी कि सीलिंग डबल होने से बोनस भी दोगुना हो जाएगा।
इसके अलावा एक साल के बोनस जितनी राशि एरियर्स के तौर पर मिलेगी। तमाम उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अभी यह भी नहीं पता कि परफार्मेंस बेस्ड स्कीम क्या है और यह वर्तमान स्कीम के मुकाबले कितना फायदेमंद होगा?
तमाम कर्मचारी संगठन करेंगे विरोध
हमने बोनस भुगतान में हुए संशोधन का लाभ कर्मचारियों को दिए जाने की मांग की है। कर्मचारी संगठन सातवें वेतनमान के प्रस्तावों तक नहीं रोकेंगे। लाभ नहीं दिया गया तो तमाम कर्मचारी संगठन आंदोलन करेंगे।”

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