JNU लौटे कन्हैया ने की ‘आजादी’ की बात, जानिए मोदी के बारे में क्या कहा?

kanhaiya_sनई दिल्ली.देश विरोधी नारेबाजी का आरोपी कन्हैया कुमार इंटरिम बेल पर तिहाड़ जेल से छूटने के बाद गुरुवार रात जेएनयू कैम्पस पहुंचा। कैम्पस को बचाने की लड़ाई लड़ने वालों का शुक्रिया अदा करते हुए कन्हैया ने भाषण भी दिया। उसने कहा कि हमें भारत से नहीं, भारत में आजादी चाहिए। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कन्हैया की स्पीच को ब्रिलियंट बताया। कन्हैया ने कहा- फर्जी ट्वीट करने वाले संघियों से आजादी चाहिए
– कन्हैया की वापसी के बाद जेएनयू कैम्पस में ‘जय भीम’ और ‘लाल सलाम’ के नारे लगे।
– कन्हैया ने कहा- “हम भारत से नहीं लड़ रहे। हम भारत में आजादी मांग रहे हैं।”
– कन्हैया ने आजादी के नारे लगाते हुए कहा कि देश को आरएसएस, असमानता, सामंतवाद, जातिवाद और शोषण से आजादी चाहिए।
– कन्हैया ने कहा, ”ये समस्याओं से ध्यान भटकाने की साजिश है। हम समस्या से आजादी चाहते हैं।”
– ”हमें फर्जी ट्वीट करने वाले संघियों से भी आजादी चाहिए। जेएनयू को भुलाना आसान नहीं।”
– कन्हैया ने देश की सरकार को जनविरोधी बताया।
– ABVP पर बोलते हुए कन्हैया ने कहा- “वो नकली इंकलाबी हैं, हम असली।”
– जेएनयू के बारे में कन्हैया ने कहा- “यहां चपरासी और राष्ट्रपति के बेटे एक साथ पढ़ सकते हैं। लेकिन सरकार शिक्षा को भी बेचना चाहती है।”
– इसके साथ उसने जेएनयू पर हुए हमले को प्री-प्लान्ड बताया।
– कन्हैया ने कहा- “इस देश की सत्ता ने जब-जब अत्याचार किया है, जेएनयू से बुलंद आवाज आई है।
– कोर्ट के मामले में कन्हैया ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। उसने कहा- “मुझे देश के संविधान पर भरोसा है।”
पीएम मोदी पर क्या बोला कन्हैया…
– कन्हैया ने कहा, “दिन में मोदीजी भाषण दे रहे थे। उन्होंने स्टालिन का जिक्र किया। तब लगा कि टीवी में घुस जाऊं और उनका सूट पकड़ कर कहूं कि हिटलर पर भी बोलिए।”
– “मोदी जी मन की बात करते हैं, मोदी जी से मेरी मां ने कहा था कि कभी मां की भी बात करें। वो भी किसी मां के बेटे हैं।”
– कन्हैया ने पीएम के ट्वीट पर तंज कसते हुए कहा, “हम भी कहते हैं सत्यमेव जयते।”
– इसके साथ ही कन्हैया ने कहा कि हम पर देशद्रोह के आरोप लगाए गए। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि हमें देश से नहीं, देश में आजादी चाहिए। भारत से नहीं, भूख से आजादी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा- शानदार स्पीच
– जेएनयू में स्पीच के बाद सोशल मीडिया पर भी रिएक्शन दिखा। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कन्हैया के भाषण को शानदार बताया। सुबह केजरीवाल ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा, “मैंने कई बार बोला था कि मोदी जी, स्टूडेंट्स से पंगे मत लो। मोदी जी नहीं माने।”
– इसके साथ कुमार विश्वास ने भी ट्वीट कर लिखा- “साहब, ये छोटा रिचार्ज नेटवर्क न उड़ा दे?”
– “कन्हैया पॉलिटिशियन नहीं, क्रांति है।” – इंदिरा जय सिंह
– “इंडियन पॉलिटिक्स का लेटेस्ट स्टार्टअप।” -मिलिंद देवड़ा
– “दिन में मोदी ने नए नेता की बात की, शाम को कन्हैया एप्लिकेशन ले आया।” – नरेंद्र नाथ
कन्हैया ने कहा- लिखूंगा अपनी कहानी
– कन्हैया कुमार के मुताबिक, वह मीडिया ट्रायल का शिकार हुआ है।
– कन्हैया ने कहा- “मैं अपनी कहानी खुद लिखूंगा। इसकी शुरुआत मैंने जेल में ही कर दी है। मैंने कभी भी भारत के खिलाफ कुछ नहीं बोला। मुझे भरोसा है कि सच कायम रहेगा। सही बातें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। मैं लंबी लड़ाई के लिए तैयार हूं।”
– कन्हैया को बुधवार को हाईकोर्ट ने छह महीने की सशर्त इंटरिम बेल दी थी। उसे 12 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने अरेस्ट किया था।
गांव में जश्न का माहौल…
– पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कन्हैया को चुपचाप जेएनयू पहुंचाया गया। पुलिस की तीन कार ने उसे एस्कॉर्ट किया।
– कन्हैया की जमानत को लेकर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए। बता दें कि पहले भी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने के दौरान उसके साथ काफी धक्का-मुक्की हुई थी। उसे चोट भी लगी थी।
– कन्हैया की रिहाई के बाद उसके गांव में जश्न का माहौल है।
– उसकी मां ने कहा- “मैं उसकी मां हूं और मुझे अपनी परवरिश पर पूरा भरोसा है। मैं पहले से ही कहती रही हूं कि वह एंटी-नेशनल नहीं है।”
– “उसे सभी आरोपों से बरी किया जाना चाहिए।”
दिल्ली सरकार ने दी क्लीन चिट
– इससे पहले, गुरुवार को जेएनयू देश विरोधी नारेबाजी मामले में दो वीडियो के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई।
– दिल्ली सरकार के ऑर्डर पर हैदराबाद की लैब में इसकी फोरेंसिक जांच की गई थी।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो वीडियो में जो शख्स दिखाई नहीं दे रहे, उनकी आवाज जोड़ी गई है।
– सूत्रों के मुताबिक, सात वीडियो जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से दो में हेराफेरी पाई गई है। जबकि बाकी पांच ठीक हैं।
– जेएनयू में 9 फरवरी को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर प्रोग्राम हुआ था। इसमें देश विरोधी नारे लगे थे।
– मामला गरमाया तो केजरीवाल सरकार ने इसकी मजिस्ट्रियल जांच के ऑर्डर दिए थे।
– इस सिलसिले में जेएनयू स्डटूडेंट्स यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में अरेस्ट किया गया था।
हाईकोर्ट के जज ने अपने फैसले में क्या कहा…
– फैसले में हाईकोर्ट की जज प्रतिभा रानी ने देश के खिलाफ नारे लगाने वालों पर कहा, “एक तरह का इन्फेक्शन स्टूडेंट्स में फैल रहा है। इसे बीमारी बनने से पहले रोकना होगा।
– “अगर एंटी-बायोटिक से इन्फेक्शन कंट्रोल हो तो दूसरे स्टेप का इलाज शुरू किया जाता है।”
– “कई बार ऑपरेशन की भी जरूरत पड़ती है। उम्मीद है कि ज्यूडिशियल कस्टडी में कन्हैया ने सोचा होगा कि आखिर ऐसी घटना हुई क्यों।”
– “ऐसी स्थित में मैं पारंपरिक तरीका अपनाते हुए इंटरिम बेल दे रही हूं।”
– कोर्ट ने यह भी कहा कि उसे जांच में दिल्ली पुलिस का सहयोग करना होगा।
क्या है विवाद?
– जेएनयू में 9 फरवरी को लेफ्ट स्टूडेंट्स के ग्रुप्स ने संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था। इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया गया था।
– साबरमती हॉस्टल के सामने शाम 5 बजे उसी प्रोग्राम में कुछ लोगों ने देश विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद लेफ्ट और एबीवीपी स्टूडेंट्स के बीच झड़प हुई।
– 10 फरवरी को नारेबाजी का वीडियो सामने आया। दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया।
– इसके बाद जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को अरेस्ट कर लिया गया। जबकि खालिद फरार हाे गया था। बाद में पता चला कि वह जेएनयू कैम्पस में ही था। कुछ दिन बाद उसने सरेंडर कर दिया। वह अभी ज्यूडिशियल कस्टडी में है।

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