ईरान से तेल के आयात में आई गिरावट : राव

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अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा ईरानी बैंकों पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण तेल का भुगतान करने में नई दिल्ली को भी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। भुगतान समस्या के चलते पिछले दो वर्षों के दौरान भारत द्वारा ईरानी तेल के आयात में कुछ कमी आई है और इसमें सुधार के आसार भी कम हैं। अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव ने कहा, ‘हमारे लिए ईरान कच्चे तेल के आयात का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
संबंधित हर गतिविधियों पर नजर रखी
पिछले दो वर्षों से आयात में कुछ कमी आई है, ज्यादा नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘ईरान पर लगे प्रतिबंध और बैंकों के साथ बढ़ी मुश्किलों के बीच इसके सुधरने की उम्मीद भी कम है। ऐसे में ईरान से कच्चे तेल के आयात में और भी गिरावट हो सकती है तथा स्थिति बदल भी सकती है।’ राव ने बताया कि भारत, अमेरिकी सरकार के संपर्क में है और ईरान से संबंधित हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
तेल आयात में भारत दूसरा सबसे बड़ा देश
ईरान से तेल की निर्भरता कम करने के अमेरिकी दबाव के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा भारत एक जिम्मेदार देश है और वह इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करता है। खाड़ी देशों में साठ लाख भारतीयों के काम करने की बात पर जोर देते हुए राव ने कहा, ‘हम नियमों का पालन करते हैं। हम सिस्टम से बाहर नहीं जा सकते हैं। लेकिन यह भी नहीं भूलना चाहिए कि खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमारी ऊर्जा आयात का एक प्रमुख स्रोत है।’ उन्होंने बताया कि भारत की मंगलौर रिफाइनरी ईरानी तेल आयात करती है। राव ने कहा कि दोबारा सब कुछ ठीक होने तथा आगे का फैसला लेने में कुछ समय अवश्य लगेगा। गौरतलब है कि चीन के बाद ईरान से कच्चा तेल आयात करने वाला भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है।

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