भीमा-कोरेगांव मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने खत्म की गौतम नवलखा की नजरबंदी

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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को भीमा-कोरेगांव मामले में नजरबंद चल रहे सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को आजाद करने का निर्देश दिया है। जस्टिस एस.मुरालीधर और विनोद गोयल की पीठ ने इस मामले में निचली अदालत द्वारा 28 अगस्त को नवलखा को पुणे ले जाने के लिए जारी ट्रांजिट रिमांड के आदेश को भी रद्द कर दिया। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने से पहले नवलखा के परिजनों से हाईकोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने ट्रांजिट रिमांड जारी करते हुए संविधान के मूलभूत प्रावधानों और अपराध प्रक्रिया संहित के प्रावधानों का पालन नहीं किया जो अनिवार्य प्रकृति के हैं। सीआरपीसी की धारा 56 और 57 के मद्देनजर तथा मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के रिमांड आदेश की अनुपस्थिति में याचिकाकर्ता की हिरासत स्पष्ट रूप से 24 घंटे से अधिक हो गई है जिसे वैध नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए गौतम नवलखा की नजरबंदी को अब खत्म की जाती है। हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह आदेश महाराष्ट्र सरकार को मामले में आगे की कार्यवाही से नहीं रोकेगा। बता दें, नवलखा को दिल्ली में 28 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। अन्य चार कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर को पांचों कार्यकर्ताओं को फौरन रिहा करने की एक याचिका खारिज करते हुए कहा था कि महज असमति वाले विचारों या राजनीतिक विचारधारा में अंतर को लेकर गिरफ्तार किए जाने का यह मामला नहीं है। इन कार्यकर्ताओं को भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आरोपी और चार हफ्ते तक नजरबंद रहेंगे, जिस दौरान उन्हें उपयुक्त अदालत में कानूनी उपाय का सहारा लेने की आजादी है। उपयुक्त अदालत मामले के गुण दोष पर विचार कर सकती है। महाराष्ट्र पुलिस ने पिछले साल 31 दिसंबर को हुए एलगार परिषद सम्मेलन के बाद दर्ज की गई एक प्राथमिकी के सिलसिले में 28 अगस्त को इन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इस सम्मेलन के बाद राज्य के भीमा- कोरेगांव में हिंसा भड़की थी। इन पांच लोगों में तेलुगू कवि वरवर राव, मानवाधिकार कार्यकर्ता अरूण फरेरा और वेरनन गोंजाल्विस, मजदूर संघ कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता नवलखा शामिल थे।

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